
दिल्ली।पेपर लीक से जुड़े मुद्दों पर सदन में चर्चा कराने की मांग की। राहुल गांधी के अनुसार, विपक्षी सांसदों ने छात्रों के मुद्दे पर चर्चा का अनुरोध किया, लेकिन उन्हें बताया गया कि इसके लिए सरकार से अनुमति लेनी होगी।
राहुल गांधी ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि संसद में किसी मुद्दे पर चर्चा के लिए भी सरकार की अनुमति जरूरी है तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल है। उन्होंने कहा कि यह मामला देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा है। नीट पर चर्चा के आश्वासन के बाद भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग का दावा।
उधर, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने दावा किया कि राहुल गांधी को नीट के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग रख दी।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से बातचीत के लिए उन्हें और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को प्रदर्शन स्थल पर भेजा गया था। उन्होंने राहुल गांधी से धरना समाप्त करने का अनुरोध किया, लेकिन विपक्षी नेता छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरते रहे।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है और सरकार युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है और कथित पुलिस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।









