राष्ट्रीय खेल दिवस: हॉकी से मिली पहचान, अब हर खेल में बढ़ रहा भारत का दम

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नई दिल्ली। खेलों के मैदान में भारत की पहचान लगातार मजबूत हो रही है। आज 29 अगस्त को देश राष्ट्रीय खेल दिवस मना रहा है। यह दिन महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। यह मौका देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ खिलाड़ियों के योगदान को सम्मान देने का भी है।

मेजर ध्यानचंद भारतीय हॉकी के उन महान खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिनकी प्रतिभा और उपलब्धियों ने देश की कई पीढ़ियों को प्रेरित किया। उनकी स्मृति में मनाया जाने वाला राष्ट्रीय खेल दिवस अब हॉकी तक सीमित नहीं रह गया है। यह क्रिकेट, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, कुश्ती, निशानेबाजी, फुटबॉल समेत हर खेल और हर खिलाड़ी के सम्मान का दिन बन चुका है।दिलचस्प तथ्य यह है कि भारत का कोई आधिकारिक राष्ट्रीय खेल नहीं है। सरकार ने किसी खेल को कानूनी रूप से राष्ट्रीय खेल का दर्जा नहीं दिया है।

इसके बावजूद भारतीय हॉकी की गौरवशाली ओलंपिक परंपरा के कारण हॉकी को लंबे समय से देश का पारंपरिक या प्रतीकात्मक खेल माना जाता रहा है।आज देश की खेल तस्वीर पहले से कहीं व्यापक हो चुकी है। अलग-अलग खेलों में भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार भी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और युवा सहभागिता पर जोर दे रही है। हाल ही में आयोजित खेलो इंडिया संवाद में भी युवाओं और खेल प्रतिभाओं को देश के भविष्य से जोड़ने पर जोर दिया गया।राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों के समर्पण, जुनून और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि दी।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत पूरे देश को गौरवान्वित करती है।राष्ट्रीय खेल दिवस पर देश भर में खेल गतिविधियों, जागरूकता कार्यक्रमों और खिलाड़ियों के सम्मान समारोहों का आयोजन किया जा रहा है। यह दिन न सिर्फ अतीत की उपलब्धियों को याद करने का है, बल्कि भविष्य में खेल क्षेत्र में भारत को और मजबूत बनाने का संकल्प लेने का भी है।

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