
दिल्ली/देहरादून। बाघों को लेकर एक बेहतर खबर सामने आई है । मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कजाखस्तान के इले – बाल्खाश स्टेट नेचर रिजर्व में 31 जुलाई 2026 को उमित नाम की एक मादा अमूर बाघिन को छोड़ दिया गया ।
यह 70 साल से ज्यादा समय बाद कजाखस्तान के जंगलों में बाघ की वापसी है।छोड़ने के बाद पहले 10 दिनों में उमित ने खुद शिकार करना शुरू कर दिया। उसने सफलतापूर्वक शिकार किया और जंगली माहौल में अच्छी तरह ढलने के संकेत दिए।उसके गले में जीपीएस कॉलर लगा है। इससे विशेषज्ञ हर दिन उसकी हलचल देख रहे हैं। वे यह भी जाँच कर रहे हैं कि वह कहाँ घूम रही है और कैसे व्यवहार कर रही है।यह कार्यक्रम कजाखस्तान की उस योजना का हिस्सा है, जिसमें इले-बाल्खाश इलाके में बाघों की आबादी फिर से बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। बाघों के लिए जरूरी जंगल और शिकार के जानवर भी ठीक किए जा रहे हैं।अभी शुरुआती संकेत अच्छे हैं। उमित का खुद शिकार करना और स्वतंत्र घूमना इस महत्वाकांक्षी प्रयास के लिए उत्साह बढ़ाने वाला है









