
नैनीताल । ज्योलिकोट में जलजनित बीमारियों को लेकर उठे सवालों के बीच हल्द्वानी के तल्ली बमोरी से सामने आई एक छात्रा की मौत ने शहर की पेयजल व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। वार्ड नंबर-9 निवासी और एमबीपीजी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा सुहानी पंत की पीलिया की पुष्टि के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। हालत गंभीर होने पर उसे बरेली के राममूर्ति अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां करीब तीन दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद उसकी मौत हो गई।
सुहानी हल्द्वानी में अपनी बुआ के साथ रहकर पढ़ाई कर रही थी। उसकी मौत के बाद क्षेत्र में मातम के साथ ही पेयजल व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें आती रही हैं। ऐसे में सवाल यह नहीं है कि सुहानी की मौत दूषित पानी से ही हुई या नहीं। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।
सीएमओ ने दिए जांच के संकेत!
मामले का संज्ञान लेते हुए सीएमओ नैनीताल डॉ. रश्मि पंत ने जांच कराए जाने की बात कही है। वहीं जल संस्थान के अधिशासी अभियंता रविशंकर लोशाली के मुताबिक पेयजल लाइनों की जांच शुरू कर दी गई है और समस्या को चिन्हित कर दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्र में टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।











