
हरिद्वार। क्रिकेट लीग की फ्रेंचाइजी में 25 फीसदी हिस्सेदारी दिलाने का झांसा देकर दुबई निवासी कनाडाई नागरिक से करीब 10 लाख यूएई दिरहम (लगभग 2.62 करोड़ रुपये) की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कनखल पुलिस ने इंटरकॉन्टिनेंटल लीजेंड्स चैंपियनशिप (आईएलसी) के पूर्व सह-संस्थापक एवं निदेशक और पूर्व क्रिकेटर मनीष भट्ट समेत अभिनव यादव, ऋतिक बजाज और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, दुबई निवासी कनाडाई नागरिक हेमंत शर्मा ने शिकायत में आरोप लगाया कि क्रिकेट लीग से जुड़ी व्यावसायिक गतिविधियों के दौरान उसकी आरोपियों से मुलाकात हुई थी। आरोप है कि मनीष भट्ट ने खुद को क्रिकेट जगत में प्रभावशाली बताते हुए अबूधाबी टी-10 टूर्नामेंट की नॉर्दर्न वॉरियर्स टी-10 फ्रेंचाइजी में 25 फीसदी हिस्सेदारी दिलाने का भरोसा दिया था। इसके एवज में करीब 10 लाख यूएई दिरहम निवेश करने को कहा गया।
शिकायत के मुताबिक, अक्तूबर और नवंबर 2025 में अलग-अलग माध्यमों से आरोपियों से जुड़े बैंक खातों में लाखों रुपये के अलावा यूएई दिरहम और यूरो की रकम भेजी गई। इसके साथ ही नकद भुगतान किए जाने का भी आरोप है। पीड़ित का कहना है कि रकम लेने के बाद विश्वास बनाए रखने के लिए उसे एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) का मसौदा भेजा गया, लेकिन इसे कभी विधिवत निष्पादित नहीं किया गया।
हेमंत शर्मा ने आरोप लगाया कि रकम लेने के बावजूद उसे फ्रेंचाइजी में 25 फीसदी हिस्सेदारी नहीं दी गई। जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो भी धनराशि वापस नहीं की गई। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
शिकायत में मनीष भट्ट के दो अलग-अलग भारतीय पासपोर्टों में जन्मस्थान और जन्मवर्ष अलग-अलग दर्ज होने का भी दावा किया गया है। पीड़ित ने पुलिस से बैंक लेनदेन, एमओयू और पासपोर्ट से संबंधित दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है।
पीड़ित के लीगल एडवाइजर नीरज चौधरी के मुताबिक, मनीष भट्ट पूर्व में उत्तराखंड की क्रिकेट टीम का हिस्सा रहे हैं। वहीं, कनखल थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।











