
हल्द्वानी। उत्तराखण्ड क्रान्ति दल के पूर्व अध्यक्ष और नैनीताल के पूर्व विधायक डॉ. नारायण सिंह जन्तवाल आज पंचतत्व में विलीन हो गए। रानीबाग के चित्रशीला घाट में उनकी दोनों बेटियों ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। उनकी पत्नी प्रोफेसर सावित्री कैड़ा जन्तवाल भी अपने पति को अन्तिम विदाई देने के लिए चित्रशीला घाट पहुॅची थी।
पर, आज वे सारी रुढ़िवादी परम्पराएं टूटती हुई नजर आईं। जब दो बेटियॉ अपने पिता और एक पत्नी अपने पति को अन्तिम विदाई देने घाट पर पहुॅची। इन सबके बीच जहॉ दोनों बेटियों और उनकी पत्नी ने अपना आत्म बल और साहस बनाए रखा, वहीं समाज के लिए एक नई नजीर भी पेश की। प्रोफेसर सावित्री जन्तवाल घाट पर मौजूद हर शोकाकुल व्यक्ति के प्रश्नों का जवाब दे रही थी और डॉ. जन्तवाल के अन्तिम क्षणों के बारे में विस्तार से बता रही थी। यह उनके धैर्य और आत्म बल को ही दर्शा रहा था। उल्लेखनीय है कि प्रोफेसर सावित्री कुमाऊॅ विश्वविद्यालय के नैनीताल परिसर में इतिहास विभाग की प्रोफेसर हैं।











