नाबालिगों से दुष्कर्म में दंपति दोषी, पति-पत्नी को 25-25 साल की कैद

खबर शेयर करें -

चंपावत। नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म के गंभीर मामले में अदालत ने पति-पत्नी को दोषी करार देते हुए 25-25 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। पीड़ित बच्चियों में एक दिव्यांग भी शामिल है। दोनों आरोपी पीड़ितों के दूर के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं।

मामले के अनुसार, चकरपुर निवासी इसाक अहमद और उसकी पत्नी मुस्कान के खिलाफ नाबालिग बच्चियों को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज कराया गया था। शिकायत में बताया गया कि दंपति पांच जनवरी 2026 को दोनों बच्चियों को अपने घर ले गए थे और नौ जनवरी को उन्हें घर छोड़ दिया। इसके बाद बच्चियों ने परिजनों को अपने साथ हुई गलत हरकत की जानकारी दी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में साक्ष्य और गवाह पेश किए। जिला सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार सिंघल की अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2) के तहत दोनों दोषियों को दो-दो साल की सजा और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। वहीं पॉक्सो अधिनियम के तहत दोनों को 25-25 साल के कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी कौस राणा ने पैरवी की। अदालत के इस फैसले को नाबालिगों के विरुद्ध अपराध करने वालों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है।

सम्बंधित खबरें