
देहरादून । महिला आरक्षण बिल को बिना किसी शर्त और देरी के लागू करने की मांग को लेकर ऐपवा के आह्वान पर आज शहीद स्मारक, देहरादून में संयुक्त महिला-संगठन बैठक आयोजित की गई। बैठक में ऐपवा सहित विभिन्न महिला संगठनों, राजनीतिक दलों और जन प्रतिनिधियों ने एक स्वर में केंद्र सरकार से मानसून सत्र में बिल को बेशर्त पास करने की मांग की।

सभा में प्रमुख मांगें
- इस मानसून सत्र में ही 33 प्रतिशत महिला आरक्षण वर्तमान लोकसभा एवं विधानसभा सीटों पर बिना किसी शर्त लागू किया जाए।
- बिल को परिसीमन व जनगणना से जोड़ने की किसी भी कोशिश को सांप्रदायिक राजनीति करार देते हुए खारिज किया जाए।
- एससी, एसटी, ओबीसी और ट्रांसजेंडर महिलाओं को भी पूर्ण आरक्षण का लाभ मिले।
- परिसीमन का आधार जनसंख्या के बजाय क्षेत्रफल रखा जाए, खासकर पहाड़ी राज्यों में।
- अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय सुनिश्चित हो और उत्तराखंड में लगातार बढ़ रही महिला हिंसा पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए।
ऐपवा की राष्ट्रीय सचिव श्वेता राज ने कहा, “एक तरफ SIR प्रक्रिया में हजारों महिलाओं के नाम कट रहे हैं, दूसरी तरफ भाजपा सरकार महिला आरक्षण बिल को परिसीमन से जोड़कर पूरे देश में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का खेल खेल रही है। असम और जम्मू-कश्मीर के चुनाव इसके ताजा उदाहरण हैं। हम इस साजिश को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।ऐपवा की उत्तराखंड संयोजक शिवानी पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि सरकार महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की इच्छा ही नहीं रखती। उन्होंने जोर देकर कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव और उससे पहले होने वाले सभी विधानसभा चुनावों में बिना किसी देरी के आरक्षण लागू होना चाहिए। उत्तराखंड महिला मंच अध्यक्ष कमला पंत ने अंकिता भंडारी मामले को उठाते हुए कहा, आरोपी अभी भी VIP पदों पर बैठे हैं और संगठनों में ऊंचे पद दिए जा रहे हैं। रिजॉर्ट संस्कृति को विकास का नाम देकर प्रचारित किया जा रहा है, जो महिलाओं की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गई है।
कांग्रेस नेता प्रेम बहुखंडी ने परिसीमन पर चिंता जताई और कहा कि जनसंख्या आधारित परिसीमन से पहाड़ी क्षेत्रों में विधानसभा क्षेत्र इतने विशाल हो जाएंगे कि एक विधायक पूरे पांच साल में भी सभी गांवों तक नहीं पहुंच पाएगा। उन्होंने क्षेत्रफल को आधार बनाने की मांग की। पत्रकार त्रिलोचन भट्ट ने महिलाओं और दलितों के खिलाफ बढ़ रही हिंसा पर चिंता व्यक्त की और एकजुट संघर्ष की जरूरत पर बल दिया।ऐपवा ने आगामी 20-21 जुलाई को देशव्यापी प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया है। उत्तराखंड में भी देहरादून सहित विभिन्न जिलों में बड़े प्रदर्शन और सभाएं आयोजित की जाएंगी। बैठक में मालती हालदार, प्रियंका खत्री, कल्पना, स्वाति नेगी, निर्मला बिष्ट, चंद्रकला, विमला कोहली, पद्मा खन्ना, मोहित डिमरी, सतीश धौलाखंडी, मनीष केडियाल, गुणानंद जखमोला आदि मौजूद रहे।








