नेपाली चरस तस्कर को दस साल कठोर करावास की सजा, चंपावत के विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सुनाया फैसला

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चंपावत। चरस की तस्करी के मामले में कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए दस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

शासकीय अधिवक्ता विद्याधर जोशी ने बताया कि विशेष सत्र न्यायाधीश एवं जिला जज अनुज कुमार संगल ने शुक्रवार को मामले में फैसला सुनाया। मामले के अनुसार, 9 दिसंबर 2024 को नेपाल सीमा से सटे बनबसा क्षेत्र में एसएसबी की समवाय चौकी के जवान सीमा स्तंभ संख्या 805/01 के पास चेकिंग अभियान के दौरान सीमा स्तंभ से लगभग 800 मीटर दूर एक नेपाली नागरिक के कब्जे से 1 किलो 14 ग्राम चरस बरामद की थी।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान ध्रुव बहादुर सिंह (56) निवासी वार्ड नंबर-3, चेनपुर, जिला बजांग (नेपाल) के रूप में हुई। बनबसा थाने में आरोपी के खिलाफ NDPS अधिनियम की धारा 8/20/23 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। सभी साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल कठोर कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

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