
लालकुआं। संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के त्वरित एवं बिना परिसीमन के शर्त के कार्यान्वयन की माँग पर अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन “ऐपवा” और प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र द्वारा लालकुआं तहसील कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय कानून मंत्री को एसडीएम लालकुआं के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया।
अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन “ऐपवा” की जिला संयोजक विमला पाल ने कहा कि, भारत की महिलाएं लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिला आरक्षण को बिना किसी शर्त एवं त्वरित कार्यान्वयन की माँग करती हैं। हम भारत सरकार से आग्रह करते हैं कि वह संसद के आगामी मानसून सत्र में महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से अलग करने के लिए एक विधेयक पेश करे। दुखद है कि राष्ट्रीय संसदों में महिला प्रतिनिधित्व के मामले में भारत 185 देशों में 151वें स्थान पर है। दशकों से भारतीय महिलाओं को राजनीतिक सत्ता और भागीदारी में उनका उचित हिस्सा नकारा गया है। महिलाओं के साथ हुआ यह ऐतिहासिक अन्याय अब समाप्त होना चाहिए।
ऐपवा नेता अनीता अन्ना ने कहा कि, सरकार केवल ‘नारी शक्ति’ की दिखावटी बातें कर रही है। महिला आरक्षण अधिनियम, 2023, संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के प्रभावी प्रतिनिधित्व की माँग को लेकर दशकों से चले राष्ट्रव्यापी आंदोलन के फलस्वरूप लाया गया था। हालाँकि, आरक्षण को परिसीमन और जनगणना पर सशर्त बनाए जाने के कारण महिला प्रतिनिधित्व का वादा अब तक अधूरा ही है।
प्रदर्शन में अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन “ऐपवा” की जिला संयोजक विमला पाल, प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र की बिन्दु गुप्ता, पुष्पा, ऐपवा नेता अनीता अन्ना, मेहरुनिशा, प्रमएके की रेखा, मीना जलाल,अनीता, बॉबी, आइसा नैनीताल जिला अध्यक्ष धीरज कुमार, भाकपा माले नैनीताल जिला सचिव डॉ कैलाश पाण्डेय आदि शामिल रहे।
प्रदर्शन में अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन “ऐपवा” की जिला संयोजक विमला पाल, प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र की बिन्दु गुप्ता, पुष्पा, ऐपवा नेता अनीता अन्ना, मेहरुनिशा, प्रमएके की रेखा, मीना जलाल,अनीता, बॉबी, आइसा नैनीताल जिला अध्यक्ष धीरज कुमार, भाकपा माले नैनीताल जिला सचिव डॉ कैलाश पाण्डेय आदि शामिल रहे।









