हंगामे की भेंट चढ़ा विधानसभा सत्र, 11 घंटे भी नहीं चली कार्यवाही; ₹7,844 करोड़ का अनुपूरक बजट पारित

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गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र का दूसरा दिन बुधवार को भारी हंगामे, नारेबाजी और सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप की भेंट चढ़ गया। कांग्रेस विधायकों के काले झंडे लेकर सदन के वेल में पहुंचने और विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने के बीच राज्य सरकार ने 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित करा लिया। इसके साथ ही सदन में कुल 10 विधेयक भी पारित किए गए। दोपहर करीब 1:10 बजे विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। इस तरह सत्र 11 घंटे भी नहीं चल पाया।

सत्र के दूसरे दिन कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर राजनीतिक गर्माहट देखने को मिली। कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने यह मामला उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने दावा किया कि रेखा आर्या के पति की ओर से भी उनके खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी आरोप लगाए गए हैं और इस संबंध में मुख्यमंत्री से शिकायत की गई थी।

प्रीतम सिंह ने करीब 210 करोड़ रुपये की संपत्ति और बरेली में कथित तौर पर बन रहे राजमहल का उल्लेख करते हुए सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आरोप गंभीर हैं और निष्पक्ष जांच के जरिए वास्तविक स्थिति जनता के सामने आनी चाहिए। कांग्रेस विधायकों ने नियम 310 के तहत इस मामले पर चर्चा कराने की मांग की और विरोध प्रदर्शन के दौरान सरकार से जवाब मांगा। हालांकि, इन आरोपों और दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

कांग्रेस के आरोपों पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने पलटवार किया। उन्होंने वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में रही कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए विपक्ष को अपने अतीत पर नजर डालने की नसीहत दी। रेखा आर्या ने उस दौरान सामने आए स्टिंग ऑपरेशन और कथित सौदेबाजी से जुड़े विवादों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक हमला बताते हुए कहा कि आरोप लगाने से पहले कांग्रेस को अपने शासनकाल में सामने आए मामलों पर भी जवाब देना चाहिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष के काम रोको प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास ठोस मुद्दों की कमी है और उसका उद्देश्य विकास कार्यों को बाधित करना है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर सत्ता से बाहर रहने के दौरान देश और प्रदेश में अराजकता का माहौल बनाने का आरोप भी लगाया।

इस बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव का असर सदन की कार्यवाही पर लगातार दिखाई दिया। कांग्रेस जहां रेखा आर्या से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों पर चर्चा और जांच की मांग करती रही, वहीं भाजपा विधायकों ने चकराता में एक परिवार को कथित तौर पर धमकी दिए जाने का मुद्दा उठाया। भाजपा विधायकों ने भी मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की।

कुल मिलाकर, विधानसभा का दूसरा दिन हंगामे और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच समाप्त हो गया। सरकार ने अनुपूरक बजट और 10 विधेयक पारित करा लिए, लेकिन विपक्ष ने कम अवधि के सत्र, बाधित प्रश्नकाल और जनहित के मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं होने को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।

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