
नानकमत्ता। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नानकमत्ता प्रवास के दौरान उत्तराखंड देवभूमि ट्रक ओनर्स महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष राकेश जोशी के नेतृत्व में उनसे मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़ी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को छह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। महासंघ ने पुराने लंबित चालानों के निस्तारण के लिए उत्तर प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में भी वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना लागू करने की पुरजोर मांग की।
महासंघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से 20 लाख से अधिक परिवार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। यह कारोबार रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही पलायन रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन वर्तमान में ट्रांसपोर्टर कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं।
महासंघ के प्रवक्ता हरजीत सिंह चड्ढा ने बताया कि कुमाऊं मंडल के हल्द्वानी, रुद्रपुर और किच्छा में आए दिन लगने वाले लंबे जाम के कारण ट्रांसपोर्टरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। समय पर माल नहीं पहुंचने के साथ ही वाहनों में डीजल की खपत और रखरखाव का खर्च बढ़ रहा है।
महासंघ के प्रवक्ता हरजीत सिंह चड्ढा ने बताया कि कुमाऊं मंडल के हल्द्वानी, रुद्रपुर और किच्छा में आए दिन लगने वाले लंबे जाम के कारण ट्रांसपोर्टरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। समय पर माल नहीं पहुंचने के साथ ही वाहनों में डीजल की खपत और रखरखाव का खर्च बढ़ रहा है।
इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्रों में ऑल इंडिया परमिट वाले वाहनों को 16.2 टन जीवीडब्ल्यू से अधिक नहीं चलने देने, हिल इंडोर्समेंट अनिवार्य करने और हल्द्वानी, रामनगर, टनकपुर, ऋषिकेश, कोटद्वार व विकासनगर में ऑटोमेटेड वेब्रिज लगाने की मांग की गई। सरकारी निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाले 20 फीट से अधिक लंबे सरिया, जीआई पाइप और बिजली के पोल जैसे सामान की ढुलाई पर चालानी कार्रवाई से छूट देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
इस दौरान महासंघ के वरिष्ठ पदाधिकारी भास्कर जोशी, ललित पाठक, दयाकिशन शर्मा, राजेश नियोलिया, हरजीत सिंह चड्ढा समेत कुमाऊं क्षेत्र के कई ट्रांसपोर्ट व्यवसायी मौजूद रहे।











