72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार : गढ़वाली फिल्म ‘ढोली’ ने रचा इतिहास, 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में जीता ‘सर्वश्रेष्ठ गढ़वाली फिल्म’ का खिताब

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देहरादून/ नैनीताल । उत्तराखंड की लोक संस्कृति और गढ़वाली सिनेमा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। गढ़वाली फिल्म ‘ढोली’ को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में फीचर फिल्म श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ गढ़वाली फिल्म का पुरस्कार मिला है। यह पहली बार है जब किसी गढ़वाली फिल्म ने राष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान प्राप्त किया है।

फिल्म के निर्माता सुनील लाल और दिनेश मोसले को रजत कमल (Silver Lotus) के साथ 2-2 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। लगभग 50 मिनट की इस फिल्म में पारंपरिक ढोल वादक और उनके परिवार के संघर्ष को ईमानदारी से दर्शाया गया है। फिल्म एक ढोली की कहानी है, जो गांव के शुभ अवसरों पर ढोल की धुन बजाता है, लेकिन समाज में उसे वह सम्मान नहीं मिलता जिसका वह हकदार है। अपनी कला को गांव की सीमा से आगे ले जाते हुए वह देश-विदेश तक अपनी पहचान बनाता है।

फिल्म की शूटिंग सितंबर 2023 में उत्तरकाशी जिले की असीगंगा घाटी के नाल्ड गांव और आसपास के क्षेत्रों में हुई थी। फिल्म के गीतों को उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी ने अपनी आवाज दी है, जिसने फिल्म को और भी भावुक और प्रभावशाली बना दिया। मुख्य भूमिका मोहित गिरियाल ने निभाई है, जबकि फिल्म में उत्तरकाशी के कई स्थानीय कलाकारों ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं की हैं।’ढोली’ को इससे पहले वर्ष 2024 में कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में प्रदर्शित होने वाली उत्तराखंड की एकमात्र फिल्म का गौरव भी प्राप्त हुआ था, जहां इसकी कहानी, अभिनय और लोक संस्कृति के चित्रण की खूब सराहना हुई।

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