
देहरादून/नैनीताल। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश पर प्रदेश के 13 जिलों में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसमें भू-कटाव, जलभराव, भूस्खलन समेत विभिन्न आपदाओं के परिदृश्य बनाकर बचाव दलों ने राहत और बचाव कार्यों का परीक्षण किया।

नैनीताल में हल्द्वानी-बेतालघाट पर फोकस
नैनीताल जिले में हल्द्वानी, बेतालघाट सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के लिए अलग-अलग आपदा परिदृश्य तैयार किए गए। बचाव दल ने इन परिदृश्यों के आधार पर त्वरित प्रतिक्रिया, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत सामग्री वितरण की तैयारियों को जांचा।
गौलापार में गौला नदी का कटाव परिदृश्य
हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में गौला नदी से होने वाले भू-कटाव और उसके आसपास के इलाकों पर पड़ने वाले प्रभावों को आधार बनाकर मॉक ड्रिल की गई। इस दौरान स्टेडियम परिसर, सुरक्षा दीवार और आसपास के आवासीय क्षेत्रों को प्रभावित करने वाले परिदृश्य पर बचाव दलों ने अभ्यास किया।
मुख्य उद्देश्य
अभियान का मकसद आपदा की स्थिति में समन्वय को मजबूत करना, बचाव दलों की प्रतिक्रिया समय को कम करना और स्थानीय प्रशासन को और अधिक तैयार करना था। अधिकारियों ने मॉक ड्रिल को सफल बताया और भविष्य में ऐसी तैयारियों को और बेहतर बनाने का संकल्प लिया।यह मॉक ड्रिल भारी बारिश और मानसून सीजन को देखते हुए विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।









