
देहरादून। आपदा में राज्य के अगर किसी मतदाता का घर और दस्तावेज क्षतिग्रस्त हो गए हैं तो वे न घबराएं। चुनाव आयोग ऐसे मतदाताओं की सुविधा के लिए स्थानीय स्तर पर बीएलओ की रिपोर्ट को ही नोटिस के निपटारे का आधार बनाएगा। वहीं, प्रदेश में 24 लाख में से 20 लाख मतदाताओं को नोटिस तामील कराए जा चुके हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बृहस्पतिवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस वार्ता कर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की जानकारी दी। एसआईआर प्रक्रिया के तहत नोटिस फेज में 24.30 लाख के सापेक्ष 20.27 लाख नोटिस मतदाताओं तक पहुंचा दिए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 14 जुलाई से पांच अगस्त तक दावे और आपत्तियों के फेज में अब तक फॉर्म-6 के 57 हजार, फॉर्म-7 के 22,668 और फॉर्म-8 के 26,145 आवेदन बीते 20 दिन में प्राप्त हो चुके हैं।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि नोटिस व आपत्तियों के निपटारे के लिए जरूरी है कि ईआरओ संतुष्ट हों। अगर किसी का घर आपदा में बह गया और उसके साथ उसके दस्तावेज भी क्षतिग्रस्त हो गए तो ईआरओ अपने बीएलओ की मदद से ऐसे नोटिस का निपटारा करेंगे। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति अधिकतम पांच मतदाताओं पर आपत्ति जता सकता है जबकि राजनीतिक दलों के बीएलए-2 रोजाना 10 मतदाताओं पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। राजनीतिक दलों से भी एसआईआर को लेकर लगातार फीडबैक लिया जा रहा है। विधानसभा स्तर पर ईआरओ, जिला स्तर पर डीईओ और प्रदेश स्तर पर सीईओ की ओर से नियमित बैठकें की जा रही हैं।









