
हल्द्वानी। ज्योलीकोट और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के लिए राहत की खबर है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित लोगों को राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय, हल्द्वानी में निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। मरीज के पास आयुष्मान कार्ड हो या नहीं, उपचार के लिए उससे किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। गंभीर स्थिति अथवा आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय, हल्द्वानी रेफर किया जाएगा।
सचल स्वास्थ्य वाहन के माध्यम से खुपी क्षेत्र में भी 43 लोगों की जांच की गई। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में 34 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ, जिनमें से एक मरीज को उपचार के लिए भर्ती किया गया।
ज्योलीकोट स्थित नैंसी कॉन्वेंट कॉलेज और पीपीजेएसवी विद्यालय में पीने के पानी के क्लोरीनेशन की जांच के लिए 11 सैंपल लिए गए, जो जांच में सही पाए गए। इसके अलावा हाइड्रोजन सल्फाइड जांच के लिए दो सैंपल लिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट 24 घंटे बाद मिलने की उम्मीद है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. परमजीत सिंह और आईडीएसपी नैनीताल के एपिडेमियोलॉजिस्ट नंदन कांडपाल ने क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डॉ. परमजीत सिंह ने विद्यालय में भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों को विशेष स्वच्छता बरतने और भोजन बनाने से पहले व बाद में हाथों की अच्छी तरह सफाई करने की सलाह दी।
प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार स्वास्थ्य परीक्षण, दवा वितरण, जल स्रोतों की जांच, क्लोरीनेशन और जनजागरूकता अभियान चला रही हैं। विभाग ने लोगों को संदेश दिया है कि सावधानी ही बचाव है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि ज्योलीकोट क्षेत्र में जलजनित रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य परीक्षण, जांच, दवा वितरण और लोगों को बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक करने का अभियान जारी है।
बेलवाखान, गांजा और ज्योलीकोट में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में 87 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और आवश्यकता के अनुसार दवाएं वितरित की गईं। इस दौरान 22 लोगों के ब्लड टेस्ट, 69 लोगों की काउंसलिंग और 14 लोगों को टेली-कंसल्टेंसी की सुविधा दी गई।









