
चम्पावत। जिला एवं सत्र न्यायालय ने दुष्कर्म के एक मामले में दोषी युवक को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर उसे छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अभियोजन के अनुसार मार्च 2024 में पीड़िता के पिता ने रीठासाहिब थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि ग्राम चमोली खन्स्यूं, मुक्तेश्वर (नैनीताल) निवासी बलवंत सिंह चिलवाल ने उनकी बेटी को शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। बाद में आरोपी शादी से मुकर गया। आरोप है कि बाद में विवाह के लिए सहमति जताने पर उसने दहेज की मांग भी की।मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल ने बलवंत सिंह चिलवाल को दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के साधारण कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। ।
न्यायालय ने आदेश दिया कि आरोपी द्वारा जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। हालांकि, अदालत ने आरोपी को दहेज प्रतिषेध अधिनियम के आरोप से दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) विद्याधर जोशी ने पैरवी की।









