
पिथौरागढ़। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जारा जिबली के उच्चीकरण की मांग को लेकर ग्रामीण दूसरे दिन भी आमरण अनशन पर डटे रहे। ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि जब तक विद्यालय को इंटरमीडिएट स्तर तक उच्चीकृत नहीं किया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
दूरस्थ बंगापानी तहसील क्षेत्र के जारा जिबली गांव से ग्रामीण करीब 120 किलोमीटर की दूरी तय कर सोमवार को ढोल-नगाड़ों के साथ जिला मुख्यालय पहुंचे थे। ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट के बाहर रामलीला मैदान में आमरण अनशन शुरू किया।
आमरण अनशन पर बैठे क्षेत्र पंचायत सदस्य रमेश सिंह धामी ने कहा कि विद्यालय के उच्चीकरण को लेकर ग्रामीणों को अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। उन्होंने कहा कि आश्वासन पूरे नहीं होने के कारण ग्रामीणों को दोबारा आमरण अनशन शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। विद्यालय का उच्चीकरण होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
मंगलवार शाम करीब पांच बजे स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अनशनकारी रमेश सिंह धामी का स्वास्थ्य परीक्षण किया। ग्राम प्रधान वीर विक्रम सिंह, पूर्व प्रधान जयंती देवी, सेवानिवृत्त शिक्षक खड़क सिंह, भगत सिंह, नंदन सिंह समेत कई युवा और महिलाएं अनशन स्थल पर मौजूद रहे।
ग्रामीणों के आंदोलन को समर्थन देने यूकेडी के वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी, कार्यकारी जिलाध्यक्ष जनार्दन उप्रेती और जगत मेहता भी अनशन स्थल पर पहुंचे। ऐरी ने ग्रामीणों की मांग को जायज बताते हुए विद्यालय का जल्द उच्चीकरण करने की मांग की।
इंटर की पढ़ाई के लिए 24 किलोमीटर पैदल सफर
ग्रामीणों ने कहा कि उनकी मांग जारा जिबली हाईस्कूल को इंटरमीडिएट स्तर तक उच्चीकृत करने की है ताकि गांव के बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए दूर न जाना पड़े और परिवारों को पलायन के लिए मजबूर न होना पड़े। ग्रामीणों के अनुसार इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए सबसे नजदीकी विद्यालय मवानी-दवानी में है। जारा जिबली से बच्चों को वहां पहुंचने के लिए करीब 12 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। वापसी तक अक्सर अंधेरा हो जाता है। ऐसे में कई बच्चे आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख पाते हैं।









