
लोहाघाट। चंपावत जिले की पाटी तहसील क्षेत्र में बॉस बस्वाड़ी से गर्लस्लैक तक करीब तीन किलोमीटर सड़क निर्माण के बाद अब मलबा हटाने और सड़क को सुचारु करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सड़क को लेकर क्षेत्र पंचायत सदस्य नैन सिंह बॉस बस्वाड़ी ने प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह वन विभाग के देवीधुरा कार्यालय अथवा तहसील मुख्यालय के पास आत्मदाह जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगे।
नैन सिंह का कहना है कि सड़क का करीब 2.5 किलोमीटर हिस्सा ग्रामीणों की ओर से श्रमदान कर उपलब्ध कराई गई जमीन पर काटा गया है। वहीं करीब 500 से 700 मीटर हिस्सा वन विभाग की भूमि में आता है। उनके अनुसार वन क्षेत्र में भी सड़क की कटिंग हो चुकी है और मार्ग में कोई पेड़ बाधा नहीं बन रहे हैं। वर्तमान में सड़क पर जमा मलबा हटाने के लिए मशीन की आवश्यकता है, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि बॉस बस्वाड़ी पाटी ब्लॉक मुख्यालय के सबसे नजदीकी ग्राम सभा क्षेत्रों में शामिल है। इस सड़क के बनने से जमनटाक, बॉस बस्वाड़ी, बसान, गोलनासेरी और पटनगांव समेत आसपास के गांवों की करीब तीन हजार की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क सुविधा क्षेत्र के विकास के लिए बेहद जरूरी है और मार्ग के सुचारु होने से आवागमन के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी।
क्षेत्र पंचायत सदस्य ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क का स्थलीय निरीक्षण कर जल्द से जल्द मलबा हटाने के लिए मशीन उपलब्ध कराई जाए और मार्ग को आवागमन के लिए सुचारु किया जाए। उन्होंने कहा कि “बॉस बस्वाड़ी क्षेत्र के विकास के लिए सड़क ही सबसे बड़ी जरूरत है।”
प्रशासन की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर ग्रामीणों की नजर बनी हुई है।ग्रामीण नैन सिंह छेत्र पंचायत प्रतिनिधि बॉस बस्वाडी, चिंता शर्मा, दीपक जोशी,तिलोक सिंह पाटनी,नीरज जोशी, नंदन जोशी नंदन जोशीआदि लोगों ने श्रम दान कर मलबा हटाने का काम शुरु किया। उनका आरोप है कि वन विभाग के लोग इसका विरोध कर रहे हैं।









