
देहरादून/ पौड़ी । थाना थलीसैंण के प्रभारी निरीक्षक रवींद्र नेगी ने बताया कि पता चला है कि मरोड़ा निवासी बिगारी सिंह (53) का अपने पिता बख्तावर सिंह (85) के साथ अक्सर पैसों को लेकर विवाद होता था। आशंका है कि बख्तावर को कीटनाशक देने के बाद बिगारी घबरा गया। इसके बाद उसने कीटनाशक गटक लिया। हालत बिगड़ने पर ग्रामीण बिगारी को थलीसैंण अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। बख्तावर सिंह ने घर पर ही दम तोड़ दिया। थलीसैंण के चिकित्सक डॉ. रवि सैनी ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही बिगारी की मौत हो चुकी थी। मौके से बरामद कीटनाशक की शीशी समेत अन्य सामग्री पुलिस ने कब्जे में ली है।
बताया गया है कि बख्तावर सिंह सेना से सेवानिवृत्त थे। परिजनों के अनुसार, उनकी पत्नी का करीब एक वर्ष पहले निधन हो गया था। वहीं, बिगारी सिंह घर पर ही खेती-बाड़ी और मजदूरी करते थे। परिवार में उनकी पत्नी के अलावा दो बेटे और दो बेटियां हैं। सभी की शादी हो चुकी है। पुलिस ने बिगारी के बेटे मोहन सिंह से पूछताछ की। उसने बताया कि उसके पिता और दादा में पैसों को लेकर कई बार कहासुनी होती थी।









