राज्य में नदियों का जल स्तर बढ़ा: धारचूला में चेतावनी के पार पहुंची काली नदी, अलकनंदा और मंदाकिनी में भी उफान

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देहरादून। उत्तराखंड राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने 5 सितंबर 2026 को सुबह 10:00 बजे दैनिक जलस्तर एवं बाढ़ पूर्वानुमान बुलेटिन जारी किया है। यह बुलेटिन भारत सरकार के केंद्रीय जल आयोग (हिमालयी गंगा मंडल) द्वारा प्रेषित सूचनाओं पर आधारित है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नदियों के जलस्तर के यह आंकड़े आज प्रातः 08:00 बजे मापे गए हैं।

राज्य की प्रमुख नदियों के जलस्तर की स्थिति (प्रातः 08:00 बजे तक)
काली नदी: धारचूला में चेतावनी स्तर के पार
धारचूला: काली नदी का जलस्तर 889.40 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी के निशान (889.00 मीटर) को पार कर चुका है। हालांकि खतरे का स्तर 890.00 मीटर है।
पिथौरागढ़ (सरयू) एवं जौलजीवी (गोरी): दोनों स्थानों पर जलस्तर में बढ़ने का रुझान देखा गया है।
अलकनंदा नदी: रुद्रप्रयाग में बढ़ा जलस्तर, बद्रीनाथ-जोशीमठ में घटा
रुद्रप्रयाग (अलकनंदा): जलस्तर 625.45 मीटर दर्ज हुआ, जिसमें बढ़ने का रुझान देखा गया है।
बद्रीनाथ, जोशीमठ: बद्रीनाथ में 3111.17 मीटर और जोशीमठ में 1374.76 मीटर जलस्तर दर्ज हुआ (दोनों जगहों पर घटने का रुझान)।
मंदाकिनी नदी: रुद्रप्रयाग में उफान जारी
रुद्रप्रयाग (मंदाकिनी): जलस्तर 624.34 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें बढ़ने का रुझान है।
गुप्तकाशी (गंगनगर): जलस्तर 800.20 मीटर पर स्थिर बना हुआ है।
गंगा नदी: जलस्तर में गिरावट दर्ज
हरिद्वार: जलस्तर 292.39 मीटर दर्ज किया गया (खतरे का स्तर: 294.0 मीटर)। जलस्तर में घटने का रुझान है।
ऋषिकेश: जलस्तर 339.28 मीटर (खतरे का स्तर: 340.5 मीटर) दर्ज हुआ, रुझान घटने की ओर है।
देवप्रयाग: जलस्तर 458.04 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें घटने का रुझान है।
भागीरथी नदी: जलस्तर सामान्य से नीचे, घटने का रुझान
उत्तरकाशी: जलस्तर 1119.42 मीटर (खतरे का स्तर: 1123.0 मीटर) दर्ज किया गया।
कोटेश्वर (टिहरी): जलस्तर 543.40 मीटर पर दर्ज किया गया, जिसमें घटने का रुझान है।
प्रशासन अलर्ट पर
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और संबंधित स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं

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