
देहरादून। कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग की घटनाओं के बाद निहंगों के उत्तराखंड कूच की सूचना पर देहरादून पुलिस ने हिमाचल सीमा से लगे कुल्हाल में कड़ी निगरानी और बैरिकेडिंग की थी। प्रेमनगर क्षेत्र में भी पुलिस बल तैनात किया गया था। इसके बावजूद निहंगों का एक जत्था शहर के भीतर पहुंच गया और पटेलनगर थाना क्षेत्र तक आ गया। यहां पुलिस ने उन्हें रोककर वापस भेजा।
देहरादून में सीमा पर चौकसी के बावजूद जत्थे के शहर तक पहुंचने से स्थानीय लोगों में भी चिंता रही। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि निहंगों को वापस भेज दिया गया है और इसके बाद शांति व्यवस्था कायम है। पुलिस हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। चमोली जिले के कर्णप्रयाग में निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के विवाद के बाद तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। चंडीगढ़ से हिमाचल के रास्ते उत्तराखंड के लिए कूच कर रहे करीब 200 निहंगों को पुलिस-प्रशासन ने कुल्हाल चेक पोस्ट पर बैरियर लगाकर रोक दिया।
इसके बाद पांवटा साहिब गुरुद्वारे में करीब दो घंटे तक प्रशासन, पुलिस और निहंग सिखों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद कुछ निहंग लौट गए, जबकि 20 से 30 निहंग कुल्हाल पुल पार कर चेकपोस्ट पर पहुंच गए, जहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया, यहां कई घंटे तक तनातनी चलती रही। इसके बाद ये निहंग बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गए। मौके पर तैनात पुलिस और आईटीबीपी के सामने ही तलवारें लहराते हुए वह देहरादून-पांवटा राजमार्ग की ओर जाने लगे। इस दौरान उन्हें रोकने के लिए पुलिस की ओर से खड़े किए गए दो डंपरों में भी उन्होंने तोड़फोड़ कर दी।








