उत्तराखंड में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, बाढ़ की चेतावनी, चार जिलों में बंद रहेंगे स्कूल

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देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का पूर्वानुमान जारी किया है। वहीं, कुछ जिलों के लिए भारी से भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। प्रशासन को सतर्क रहनेस के निर्देश दिए गए हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिले के कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है। इसके अलावा राज्य के अन्य जिलों में भी कहीं-कहीं तेज दौर की बारिश होने के आसार हैं।

मौसम वैज्ञानिकों ने हिदायत देते हुए कहा कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी-नालों के किनारे जाने से परहेज करें। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों की बात करें तो दो अगस्त तक प्रदेश भर में मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही रहेगा।

मौसम विभाग की ओर से 28 जुलाई को भारी से अत्यधिक भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन ने एहतियातन मंगलवार को कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, अशासकीय और निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया है। प्रदेश में चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में स्कूल बंद रहेंगे।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने प्रदेश के कई जिलों के लिए मंगलवार और बुधवार को भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के जारी फ्लैश फ्लड बुलेटिन के अनुसार अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चम्पावत, देहरादून, पौड़ी, टिहरी, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग एवं उत्तरकाशी जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान मध्यम फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) का जोखिम बना हुआ है। लगातार वर्षा के कारण छोटे नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने, निचले क्षेत्रों में जलभराव तथा संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका भी जताई गई है।

आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि ऑरेंज अलर्ट के दौरान भारी से बहुत भारी वर्षा, भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़कों के अवरुद्ध होने, नदी-नालों के उफान, निचले क्षेत्रों में जलभराव तथा आकाशीय बिजली जैसी घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे में लोग विशेष सतर्कता बरतें और किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने से बचें। उन्होंने प्रदेशवासियों व चारधाम यात्रियों से अपील करते हुए कहा कि मौसम विभाग की जारी चेतावनियों को गंभीरता से लें तथा अनावश्यक यात्रा से बचें। अगर यात्रा आवश्यक हो तो मौसम व सड़क की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त करने के बाद ही यात्रा करें।

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