
देहरादून। अगले तीन दिन मौसम खराब रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने 9, 10 और 11 जुलाई को प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। लगातार बारिश के चलते भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, चट्टानें गिरने और सड़कें बंद होने का खतरा बना हुआ है। इसे देखते हुए लोगों और चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील की गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 9 जुलाई को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और चम्पावत जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भी भारी वर्षा की संभावना है।
10 जुलाई को पौड़ी, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, चम्पावत और बागेश्वर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा देहरादून सहित अन्य पर्वतीय जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है।
11 जुलाई को बारिश की तीव्रता कुछ कम रहने की संभावना है, लेकिन देहरादून, नैनीताल, चम्पावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
मौसम विभाग ने बताया कि लगातार बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, मलबा आने और चट्टानें गिरने की आशंका बनी रहेगी। नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ने से फ्लैश फ्लड का खतरा भी हो सकता है। इसके अलावा कई जगहों पर सड़कें बाधित होने, निचले इलाकों में जलभराव तथा बिजली और पेयजल सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है।
चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की जानकारी लेने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। प्रशासन को भी संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और राहत-बचाव दलों को अलर्ट रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने 9 और 10 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। केंद्र के निदेशक डॉ. सी.एस. तोमर के अनुसार, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र तथा सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।








