चंपावत में तारबाड़ में फंसा गुलदार, वन विभाग ने सुरक्षित रेस्क्यू कर नैनीताल रेस्क्यू सेंटर भेजा

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चम्पावत । चौकी,फूंगर गांव में जंगल से खेत की ओर आ रहा एक गुलदार कटीली तार में फंस गया। जिसे वह विभाग ने सुरक्षित रेस्क्यू कर नैनीताल रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है।

गत शनिवार की दोपहर एक गुलदार (तेंदुआ) खेत किनारे लगी कटीली तारबाड़ में बुरी फंस कर छटपटाने लगा। उसकी तेज दहाड़ सुनकर ग्रामीणों ने फौरन वन विभाग को सूचना दी। चंपावत के रेंजर बृजमोहन टम्टा के निर्देश पर वन विभाग की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने लोहाघाट वन विभाग और पशु चिकित्सकों को बुलाकर रेस्क्यू शुरू किया।

पशु चिकित्सकों की देखरेख में गुलदार को ट्रैंकुलाइज गन से बेहोश कर सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। रेंजर बृजमोहन टम्टा ने बताया कि गुलदार करीब तीन साल का हर है। जिसे प्राथमिक उपचार के बाद नैनीताल रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है। रेस्क्यू टीम में लोहाघाट के रेंजर रमेश चंद्र जोशी, वन बीट अधिकारी रोहित मेहता और पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची। डॉक्टरों की देखरेख में गुलदार को बेहोश करने के लिए दवा तैयार की गई। इसके बाद वन बीट अधिकारी रोहित मेहता ने ट्रैंकुलाइज गन से सटीक निशाना साधकर गुलदार को बेहोश किया।


गुलदार के बेहोश होने के बाद वन कर्मियों ने उसे कटीले तारों से सुरक्षित बाहर निकाला और अपने कब्जे में लिया। वन विभाग और पशु चिकित्सकों के संयुक्त प्रयासों से गुलदार की जान बचाई जा सकी। रेंजर बृजमोहन टम्टा ने बताया है कि पकड़ा गया गुलदार लगभग 3 साल का नर है और वह पूरी तरह सुरक्षित है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे सुरक्षित नैनीताल रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया है। रेस्क्यू अभियान में लोहाघाट रेंजर रमेश चंद्र जोशी, भुवन, रोहित मेहता, अनीश, डॉ.सुशोभित, डॉ. शैलेश और चम्पावत वन विभाग के कर्मचारी शामिल थे।

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