भारतीय फर्जी दस्तावेजों के साथ विदेशी युवतियां पकड़ीं, किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान की निवासी हैं युवतियां

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देहरादून। किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान की तीन युवतियों ने फर्जीवाड़े से भारतीय दस्तावेज हासिल कर लिए। फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर देहरादून के एक फ्लैट से पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। करीब 35 वर्षीय तीनों युवतियों ने दिल्ली के पतों पर आधार कार्ड, पैन कार्ड और देहरादून में बैंक खाता खुलवा लिया।

पुलिस ने बताया कि रायपुर थाना पुलिस और एलआईयू की टीम ने सहस्रधारा रोड साईं कॉम्प्लेक्स में कार्रवाई की। तीसरी मंजिल के एक फ्लैट में पुलिस को तीन युवतियां और एक युवक मिले थे। युवतियां आपस में विदेशी भाषा में बात कर रही थीं। जब पुलिस ने उनसे दस्तावेज मांगे तो वे घबरा गईं और टालमटोल करने लगीं। शक होने पर तलाशी ली गई तो सारा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। पूछताछ में फर्जीवाड़े से भारतीय दस्तावेज हासिल करने का खुलासा हुआ।

किर्गिस्तान निवासी ईरीका और उज्बेकिस्तान की करीना उर्फ मफतूना और निगोरा को गिरफ्तार किया। रायपुर थाने में फर्जीवाड़े से भारतीय दस्तावेज बनाने के आरोप में मयूर विहार चौकी इंचार्ज संजय रावत की ओर से केस दर्ज किया गया। पूछताछ में सामने आया कि ईरीका आठ अक्तूबर 2023 को टूरिस्ट वीजा पर नई दिल्ली एयरपोर्ट से भारत आई थी। वीजा समाप्त होने पर वह भारत नहीं लौटी। उसने अपना फर्जी आधार और पैन कार्ड मालवीय नगर, दिल्ली के पते पर बनवाया था।

उज्बेकिस्तान की निवासी करीना उर्फ मफतूना और निगोरा के पास भारत में रहने का कोई वैध वीजा नहीं मिला। मफतूना ने मदनपुर खादर, दिल्ली के पते पर आधार कार्ड बनवाया और उसी के आधार पर दून के आईटी पार्क स्थित एसबीआई में खाता खुलवा लिया।

फ्लैट में तीनों के साथ शुभम सजवाण मूल निवासी नारायणबगड़, चमोली, हाल निवासी नेहरू कॉलोनी मौजूद मिला। पता चला कि यह युवक इन विदेशी युवतियों के संपर्क में था। युवतियां अपनी रोजमर्रा की जरूरतों और बाजार से सामान मंगवाने के लिए युवक का इस्तेमाल सहायक के तौर पर करती थीं।

निगोरा ने लाजपत नगर, दिल्ली के पते पर फर्जीवाड़े से आधार कार्ड बनवाया और उसके आधार पर बैंक खाता भी खुलवाया। इनसे तीन भारतीय आधार कार्ड और दो पैन कार्ड, दो बैंक पासबुक, एक किर्गिस्तान का पासपोर्ट और 01 नागरिकता कार्ड, सात मोबाइल फोन, पांच विदेशी मुद्रा के नोट बरामद किए हैं।

पूछताछ में विदेशी युवतियों ने खुलासा किया कि उन्हें ये भारतीय पहचान पत्र प्रताप नाम के दिल्ली के एजेंट ने मुहैया कराए थे। करीब तीन महीने पहले प्रताप ने ही यह फ्लैट किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर किराये पर लिया था और इन महिलाओं को यहां ठहराया था। पुलिस अब मास्टरमाइंड प्रताप की तलाश कर रही है।

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