अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में आरबीआई की फॉरेंसिक जांच में घोटाले की पुष्टि, पहली एफआईआर दर्ज

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देहरादून। अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में आरबीआई की फॉरेंसिक जांच में घोटाले की पुष्टि हुई है। इस मामले में वर्तमान शाखा प्रबंधक रिंकू गौतम की शिकायत पर शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें तत्कालीन सचिव (मृत्यु हो चुकी), दो शाखा प्रबंधक, एक कार्यकारी प्रबंधक और हार्डवेयर इंजीनियर को नामजद किया गया है।

जबकि, आरबीआई ने फॉरेंसिक ऑडिट और फॉरेंसिक अकाउंटिंग जांच शुरू कराई। अब आरबीआई की ओर से वर्ष 2013-14, 2014-15 और 2015-16 की फॉरेंसिक अकाउंटिंग एंड इन्वेस्टिगेटिंग रिपोर्ट तैयार की है। इसमें घोर वित्तीय अनियमितताएं पाई गई हैं।

आरोप है कि इन सभी ने मिलीभगत कर रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर करोड़ों रुपये का गबन किया है। कई ग्राहकों का पैसा अपने खातों में भी ट्रांसफर किया गया है। पुलिस की एसआईटी और आरबीआई की जांच इस मामले में चल रही है। जल्द ही कुछ और प्राथमिकियां भी दर्ज की जा सकती हैं।

गत फरवरी में अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में घोटाले की बात सामने आई थी। बैंक में वित्तीय लेनदेन पर रोक लगाते हुए आरबीआई ने जांच शुरू कर दी थी। इस मामले में परेशान हुए ग्राहक लगातार प्रदर्शन भी कर रहे हैं। इसी बीच पुलिस ने भी एसआईटी गठित कर मामले की जांच शुरू की।

जांच में पाया गया कि आरोपियों ने बैंक के कंप्यूटर सिस्टम में गलत प्रविष्टियां की हैं। लेजर खातों में हेरफेर किया और अपने खातों में रकम ट्रांसफर की। कैश बैलेंस को वास्तविक स्थिति से अलग दर्शाया गया। दिन की समाप्ति के बाद खातों का सही मिलान नहीं किया गया। इससे बैंक की दैनिक लेखा प्रणाली को जानबूझकर प्रभावित किया गया।

जांच रिपोर्ट के अनुसार यह सब काम बैंक के हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर इंजीनियरों के साथ मिलकर किया गया। पुलिस अधीक्षक सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि इस मामले में शाखा प्रबंधक रिंकू गौतम की शिकायत पर पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

इस मामले में पूर्व सचिव आरके बंसल (अब मृत्यु हो चुकी)सॉफ्टवेयर व हार्डवेयर इंजीनियर गणेश चंद्र वार्ष्णेय, तत्कालीन शाखा प्रबंधक महावीर सिंह,तत्कालीन शाखा प्रबंधक संजय गुप्ता,कार्यकारी शाखा प्रबंधक विजय मोहन भट्ट नामजद किए गए हैं।

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