उत्तराखंड में जिला विकास प्राधिकरण जनता के उत्पीड़न और वसूली के माध्यम : हरीश रावत

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हल्द्वानी। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने जिला विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गुरुवार को काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने प्राधिकरण को जनता के लिए उत्पीड़न और वसूली का माध्यम बताया।

हरीश रावत ने कहा कि जिला विकास प्राधिकरण का उद्देश्य विकास कार्यों को गति देना था, लेकिन वर्तमान में इसकी कार्यशैली आम जनता के लिए परेशानी का कारण बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी नियमों की आड़ में लोगों से अनावश्यक वसूली कर रहे हैं, जिससे जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने इसे उगाही आधारित व्यवस्था बताते हुए कहा कि सरकार को इस पर तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए। रावत ने कहा कि पहले से ही आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों से जूझ रही जनता पर यह व्यवस्था अतिरिक्त बोझ बन गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुधार नहीं किए गए तो जनता का भरोसा व्यवस्था से पूरी तरह उठ सकता है। पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आगामी दौरे की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि 4 जून को प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह है। उन्होंने दावा किया कि अल्मोड़ा में होने वाली जनसभा ऐतिहासिक होगी, जहां बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। इसके साथ ही पौड़ी में होने वाले पूर्व सैनिक सम्मेलन को भी पार्टी का महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया। हरीश रावत ने भाजपा पर भी तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा कि जो पार्टी पहले कांग्रेस पर गुटबाजी के आरोप लगाती थी, आज वही खुद आंतरिक मतभेदों और खींचतान से जूझ रही है। उन्होंने इसे भाजपा के भीतर सरफुटव्वल जैसी स्थिति बताया। पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश में वन्यजीवों के बढ़ते हमलों को गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि पहाड़ी इलाकों में बंदरों और भालुओं की बढ़ती संख्या किसानों और ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है। उन्होंने बताया कि इससे कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं और ग्रामीणों की आजीविका पर असर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से इस समस्या के समाधान के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की।

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