
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा के दन्या थाना क्षेत्र के सेली गांव में हुए चंद्रशेखर पांडे हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस की शुरुआती जांच में इस सनसनीखेज वारदात में केवल बेटी और दामाद ही नहीं, बल्कि मृतक की पत्नी भी हत्या की मुख्य साजिशकर्ता पाई गई है।
पुलिस ने मृतक के पिता नारायण दत्त पांडे की तहरीर पर मृतक की पत्नी खष्टी देवी, बेटी जानकी और दामाद धर्मवीर शर्मा के खिलाफ हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में मृतक चंद्रशेखर पांडे के पिता नारायण दत्त पाण्डे ने तहरीर दी है। वादी का कहना है कि उनका 40 वर्षीय बेटा चंद्रशेखर अक्सर शराब के नशे में अपनी पत्नी खष्टी देवी के साथ बेरहमी से मारपीट करता था। रोज-रोज के क्लेश से तंग आकर पत्नी खष्टी ने यह बात हरियाणा के हांसी में रह रही अपनी बड़ी बेटी जानकी और दामाद धर्मवीर को बताई थी।
इसी बात से नाराज होकर तीनों ने मिलकर चंद्रशेखर को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। बीती 20 जून की रात बेटी और दामाद हरियाणा से सेली गांव के शौधार तोक पहुंचे। रात में ही तीनों ने एकराय होकर घर पर सो रहे चंद्रशेखर पर घर में रखी दरांती (पाटल) से सिर और शरीर पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। हमले में गंभीर रूप से घायल चंद्रशेखर ने इलाज के दौरान डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी में दम तोड़ दिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
दन्या के थानाध्यक्ष दिनेश नाथ महंत ने बताया कि मृतक चंद्रशेखर पांडे के पिता की तहरीर पर मृतक की पत्नी, बेटी और दामाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस तीनों आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। जल्द ही तीनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।









