
हरिद्वार। हरिद्वार के सिडकुल थाने में दवाइयों के दो सप्लायरों पर करीब 38.94 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हो गया है। यह कार्रवाई देहरादून से स्थानांतरित की गई जीरो एफआईआर के आधार पर की गई।
पुलिस के अनुसार, एगेंट लैबोरेटरीज से जुड़े कुलदीप कुमार निवासी स्वास्तिक एन्क्लेव बद्रीपुर जोगीवाला देहरादून ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने एक नामी कंपनी से एंटीबायोटिक दवा के 12 ड्रम खरीदे, जिनके लिए 38.94 लाख रुपये का भुगतान आरटीजीएस से अग्रिम तौर पर किया।
यह सौदा 15 अक्तूबर 2025 को चंडीगढ़ में हुआ और इसके अगले दिन माल हरिद्वार की ग्रोनबरी फार्मास्यूटिकल में सप्लाई किया गया। जांच में हर ड्रम में करीब दो किलो की कमी थी, यानी कुल 24 किलो दवा कम निकली। लैब जांच में पूरा स्टॉक मानकों पर खरा नहीं उतरा। शिकायतकर्ता ने सप्लायर मनीष कुमार और हरीश से संपर्क किया। शुरुआत में दोनों ने खामियां दूर करने या रकम वापसी का भरोसा दिया, लेकिन बाद में वे अपने वादे से मुकर गए। थाना प्रभारी नितेश शर्मा ने बताया कि जीरो एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, खरीददार कंपनी ग्रोनबरी के दबाव में शिकायतकर्ता को 20.85 लाख रुपये वापस करने पड़े। एनएबीएल मान्यता प्राप्त लैब से कराई गई जांच में भी उत्पाद फेल पाया गया, लेकिन आरोपियों ने रिपोर्ट खारिज कर फर्जी टेस्ट रिपोर्ट भेजी। बाद में माल की गुणवत्ता खराब होने की बात स्वीकारने के बावजूद न तो रिप्लेसमेंट दिया और न ही रकम लौटाई।








