वनभूलपुरा हिंसा : दो आरोपियों की डिफॉल्ट जमानत रद,दो हफ्ते के भीतर आत्म समर्पण का निर्देश

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नई दिल्ली। हल्द्वानी के वनभूलपुरा हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपियों को हाईकोर्ट द्वारा दी गई डिफॉल्ट जमानत रद कर दी। अदालत ने उत्तराखंड सरकार की अपील स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को कानून और तथ्यों के आधार पर त्रुटिपूर्ण बताया है।

सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति विक्रम नाथ एवं न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने उत्तराखंड राज्य द्वारा दायर उस विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई की। जिसमें राज्य सरकार ने नैनीताल हाईकोर्ट द्वारा दो मुख्य आरोपियों जावेद सिद्दीकी और अरशद अयूब को दी गई डिफॉल्ट जमानत को चुनौती दी थी। मामला फरवरी 2024 में हल्द्वानी के वनभूलपुरा क्षेत्र में हुई व्यापक हिंसा, आगजनी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़ा है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा जांच प्रक्रिया पर टिप्पणी करना अनुचित था। कहा कि आरोपियों ने समय विस्तार व जमानत खारिज किए जाने के आदेशों को समय रहते चुनौती नहीं दी, बल्कि अपील दायर करने से पहले लगभग दो माह तक प्रतीक्षा की। कोर्ट ने माना कि आरोपियों ने डिफॉल्ट जमानत मांगने का अधिकार खो दिया था।

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