उत्तराखंड सरकार के चार वर्ष: श्वेत पत्र जारी करे सरकार, चार साल पर देने होंगे आठ सवाल के जवाब: यशपाल आर्य

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हल्द्वानी। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने उत्तराखंड सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने पर सरकार से पूरे कार्यकाल का एक विस्तृत श्वेत पत्र जारी करने की मांग उठाई है। कहा कि श्वेत पत्र जारी होने से प्रदेश की जनता के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि आज उत्तराखंड की जनता कई गंभीर समस्याओं से जूझ रही है।
महंगाई चरम पर है, बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं, शिक्षा व्यवस्था कमजोर होती जा रही है, पहाड़ों से पलायन थमने का नाम नहीं ले रहा, कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं, और भ्रष्टाचार जड़ें जमाता जा रहा है।
इसके साथ ही भूमिधारी अधिकार, आपदा प्रबंधन और पुनर्वास जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी सरकार की भूमिका संतोषजनक नहीं रही है। ऐसे में सरकार केवल अपनी उपलब्धियों का ढिंढोरा पीटने के बजाय सच्चाई जनता के सामने रखे।

पूछा कि महंगाई पर नियंत्रण के लिए सरकार ने अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए? युवाओं को रोजगार देने के लिए कितनी भर्तियां और अवसर सृजित किए गए?

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर क्या सुधार हुए?

शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए क्या प्रभावी पहल की गई? पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए कौन सी ठोस नीति लागू की गई? कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए क्या कार्रवाई हुई?

प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार पर सरकार ने क्या सख्त कदम उठाए? क्या राज्य में आपदा प्रभावितों के लिए कोई स्थायी पुनर्वास नीति बनाई गई है?

कहा कि क्या संवेदनशील क्षेत्रों के लिए कोई पूर्व चेतावनी और रोकथाम तंत्र विकसित किया गया है? यदि सरकार वास्तव में पारदर्शिता और जवाबदेही में विश्वास रखती है, तो उसे बिना देर किए चार वर्षों का श्वेत पत्र जारी कर हर सवाल का जवाब देना चाहिए।

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