
पिथौरागढ़। बरसों से लंबित आंवलाघाट पुल का टेंडर आखिरकार जारी हो गया है। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी का आभार व्यक्त किया है।
पूर्व पालिका अध्यक्ष व भाजपा नेता जगत सिंह खाती ने बताया कि यह योजना वर्ष 2006 में स्वीकृत हुई थी। अगरून बैंड से आंवलाघाट घाट तक 17 किलोमीटर सड़क व पुल का प्रावधान किया गया था। लंबे समय तक प्रशासनिक प्रक्रियाओं में समय लगा। अब टेंडर जारी होने से निर्माण की राह खुल गई है।
इससे ये लाभ होंगे
खाती ने बताया कि पुल बन जाने से पिथौरागढ़ और गंगोलीहाट के बीच की दूरी काफी कम हो जाएगी। गंगोलीहाट स्थित हाट कालिका मंदिर के दर्शन के लिए अब लंबे घुमावदार रास्ते (घाट-पनार) से नहीं जाना पड़ेगा। पिथौरागढ़ से पाताल भुवनेश्वर मंदिर जाने में भी आसानी होगी। पोखरी से मात्र 7 किलोमीटर की दूरी पर सीधा रास्ता उपलब्ध हो जाएगा। रामगंगा नदी किनारे बसे गांवों के किसानों को फसल बाजार पहुंचाने में आसानी होगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि इस पुल और सड़क से पिथौरागढ़ व गंगोलीहाट क्षेत्र के हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। विशेष रूप से भेरंग पट्टी के गांवों — वोयल, चहाली, पाली, पोखरी, चौली, तामानौली, लेछेराल, जोशी, खुलेत, व्यालकटिया, विरगौली, गराली, माला गरखा, जीवल, अगरून, चिटगल, फुटसिल, सुनारगांव, दसाईथल आदि को काफी लाभ फायदा होगा। करीब बाराबीसी और आसपास के 240 गांवों को भी अप्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा भाजपा जिला अध्यक्ष गिरीश जोशी, विधायक फकीर राम टम्टा आदि ने आभार जताया है।
आगे की योजना
भाजपा नेता खाती ने कहा कि अब चंडीकाघाट में स्वीकृत 80 मीटर लंबे पुल का टेंडर लगाने के लिए प्रयास और तेज किए जाएंगे। इसके निर्माण से बाराबीसी के 240 गांवों को और अधिक लाभ मिल सकेगा।








