
नैनीताल। हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा मार्ग पर फैली अव्यवस्थाओं और तीर्थ स्थलों में पशुओं के साथ हो रही क्रूरता के मामले में दायर जनहित याचिकाओं पर बुधवार को एक साथ सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता व न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने तीर्थ स्थलों में जानवरों पर हो रहे अत्याचार को कम करने और श्रद्धालुओं की यात्रा को सरल-सुगम बनाने को लेकर सरकार की ओर से जारी एसओपी में संशोधन करने को कहा है।
हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा मार्ग पर चलने वाले पशुओं के लिए पशु चिकित्सालय बनाने को लेकर पशु प्रेमी की ओर से दिए गए सुझाव पर भी विचार करने को कहा है। सुनवाई पर राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि यात्रा को सरल-सुगम और पशुओं की देखभाल करने के लिए पूर्व में नई एसओपी जारी की गई है। जिसपर कोर्ट ने कहा कि यात्रा में किसी को कोई परेशानी न हो, उस एसओपी का एक बार पुन: मूल्यांकन किया जाए। अब कोर्ट तीन सप्ताह बाद सुनवाई करेगी।
यह है मामला: समाजसेवी एवं पशुप्रेमी गौरी मौलेखी, धर्मगुरु अजय गौतम और पर्यावरण प्रेमी नारायण शर्मा व अन्य ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। इसमें कहा, तीर्थ स्थलों में फैली अवस्थाओं और जानवरों पर हो रहे अत्याचार को लेकर एसओपी का अनुपालन सही से नहीं हो पा रहा है।








