शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस पर हर प्रकार के शोषण के खिलाफ संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प

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हल्द्वानी । भाकपा माले ने 23 मार्च को शहीदे आज़म भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस पर दीपक बोस भवन में कार्यक्रम आयोजित कर क्रांतिकारी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की शुरुआत भगत सिंह के प्रिय नारे इंकलाब जिंदाबाद, साम्राज्यवाद मुर्दाबाद के साथ हुई।

वक्ताओं ने कहा कि, 23 मार्च 1931 में लाहौर षड्यंत्र केस के तहत ब्रिटिश साम्राज्यवाद ने इन तीनों महान क्रांतिकारियों को फांसी देकर उनके विचारों को दबाने की कोशिश की, लेकिन वे आज भी देश के युवाओं और मेहनतकश जनता के संघर्षों में जीवित हैं। शहीदों की विरासत हमें यह सिखाती है कि अन्याय के खिलाफ अपने अधिकार के लिए लिये संघर्ष ही उनको सच्ची श्रद्धांजलि है।

भाकपा माले नैनीताल जिला सचिव डॉ कैलाश पाण्डेय ने कहा कि , भगत सिंह और उनके साथियों ने न केवल ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी, बल्कि एक ऐसे समाज का सपना हमारे सामने रखा जो शोषण, अन्याय और असमानता से मुक्त हो। उनका स्पष्ट मानना था कि असली आज़ादी तभी संभव है जब समाज में आर्थिक और सामाजिक बराबरी स्थापित हो।

आज, जब दुनिया एक बार फिर युद्ध, अमेरिका के नेतृत्व में साम्राज्यवादी हस्तक्षेप और देश की जनता मोदी के फासीवादी राज के खतरे का सामना कर रही है, भगत सिंह की विचारधारा और भी प्रासंगिक हो जाती है। देश में बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, श्रमिक अधिकारों पर हमले, और लोकतांत्रिक संस्थाओं के कमजोर होने के बीच शहीदों का संदेश हमें संघर्ष का रास्ता दिखाता है।

वरिष्ठ नेता बहादुर सिंह जंगी ने कहा कि, आज के दौर में मोदी की सत्ता द्वारा असहमति की आवाज़ों को दबाने, आंदोलनों को कुचलने और जनता के अधिकारों को सीमित करने की कोशिशें तेज़ हुई हैं। ऐसे समय में भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव का जीवन हमें साहस, प्रतिरोध और वैचारिक स्पष्टता की प्रेरणा देता है।

भाकपा माले का शहादत दिवस पर संकल्प : हम साम्राज्यवाद, युद्ध, फासीवाद और हर प्रकार के शोषण के खिलाफ संघर्ष को आगे बढ़ाएंगे। हम लोकतांत्रिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और समानता के लिए आवाज़ बुलंद करेंगे। हम युवाओं, मजदूरों, किसानों और वंचित तबकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित संघर्ष को मजबूत करेंगे।

शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस 23 मार्च से जेएनयू के पूर्व अध्यक्ष शहीद चन्द्रशेखर ‘चंदू’ के शहादत दिवस 31 मार्च तक “साम्राज्यवाद विरोधी, युद्ध विरोधी सप्ताह” मनाते हुए अभियान चलाया जायेगा।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ कैलाश पाण्डेय, बहादुर सिंह जंगी, विमला रौथाण, पुष्कर दुबड़िया, किशन बघरी, नैन सिंह कोरंगा, धीरज कुमार, निर्मला शाही, ललित जोशी, त्रिलोक राम, अंबा दत्त, दौलत सिंह कार्की, सचिन तिवारी, दीपक सुयाल, हर्षित बिष्ट, आनंद दानू, चंद्र शेखर पाठक, कमल जोशी आदि शामिल रहे।

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