
रुद्रपुर। ऊधमसिंहनगर जिले में तैनात 22 शिक्षकों पर निलंबन की कार्रवाई हो सकती है। उत्तर प्रदेश से डीएलएड कर उत्तराखंड के शिक्षा विभाग में नियुक्त इन शिक्षकों से एक बार फिर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। शिक्षा विभाग पूर्व में दिए गए जवाबों से संतुष्ट नहीं है, जिस कारण अब दोबारा नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है। यदि इस बार भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा) हरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2024 में शिक्षा विभाग द्वारा 309 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी की गई थी। इसमें ऊधमसिंह नगर जिले में 254 शिक्षकों की नियुक्ति हुई, जिनमें से 210 शिक्षकों ने कार्यभार ग्रहण किया। नियुक्ति के बाद जब शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच कराई गई तो 29 शिक्षकों के डीएलएड प्रमाणपत्र नियमों के विपरीत पाए गए। जांच में सामने आया कि ये शिक्षक उत्तर प्रदेश के सामान्य निवास प्रमाणपत्र के आधार पर डीएलएड कर चुके थे और बाद में उत्तराखंड के स्थायी निवास प्रमाणपत्र के आधार पर शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल कर ली।
प्रारंभिक स्तर पर दस्तावेजों के आधार पर विभाग ने इन्हें ज्वाइनिंग दे दी थी, लेकिन बाद में डीएलएड प्रमाण पत्रों की विस्तृत जांच के दौरान पूरा मामला उजागर हुआ। इसके बाद यूपी से डीएलएड करने वाले सभी शिक्षकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन शिक्षकों द्वारा दिए गए जवाब शिक्षा विभाग को संतोषजनक नहीं लगे। अब विभाग एक और अवसर देते हुए दोबारा नोटिस जारी करेगा। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इनमें सात महिला शिक्षक भी शामिल हैं, जिन्होंने विवाह से पूर्व उत्तर प्रदेश के निवास प्रमाणपत्र के आधार पर डीएलएड किया था, जबकि विवाह के बाद उत्तराखंड का निवास प्रमाणपत्र बनवाकर नियुक्ति का लाभ प्राप्त किया। स्पष्ट किया कि यदि दोबारा नोटिस के बाद भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो नियमों के तहत संबंधित शिक्षकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।








