मोदी सरकार की महिलाओं को सशक्त बनाने की बात झूठी, आशाओं को न तो वेतन न ही सम्मान : शशि यादव

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हल्द्वानी। ऐक्टू से संबद्ध उत्तराखण्ड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की राज्य कमेटी की एक दिवसीय बैठक नगरनिगम सभागार हल्द्वानी में हुई. बैठक की शुरुआत ऐक्टू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे और हमेशा आशा आंदोलन के मार्गदर्शक रहे कामरेड राजा बहुगुणा को एक मिनट के मौन के साथ श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए हुई.

बैठक को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए स्कीम वर्कर्स फेडरेशन की राष्ट्रीय महासचिव और बिहार राज्य विधानपरिषद की एमएलसी शशि यादव ने कहा कि, मोदी सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने की झूठी बात करती है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ मानी जाने वाली आशाओं को देश में एक मानदेय तक नहीं दे रही हैं. जब काम एक है तो मानदेय एक क्यों नहीं है इसका जवाब सरकार को देना चाहिए. आशाओं का लोहा कोरोना काल में पूरी दुनिया ने माना कि आशाओं ने कोरोना से मौत के मुँह में जाकर लोगों को बचाया. लेकिन सरकार आशाओं को उनका वास्तविक हक और सम्मान नहीं देना चाहती. यह सरकार अपने स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आशाओं का खुद ही खुला शोषण कर रही है.

उन्होंने कहा कि, नए चार श्रम कोड से आशाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. यूनियन बनाने से लेकर हड़ताल करने तक का अधिकार छीनने का काम यह लेबर कोड करेगा. इसलिये इस श्रमिक विरोधी सरकार के खिलाफ सभी महिला कामगारों को एक मंच पर आना होगा.

कामरेड शशि यादव ने कहा कि, महिलाओं पर हिंसा के मामले जिस तरह से बढ़ रहे हैं उसको देखते हुए आशाओं को अपने सवालों के साथ साथ महिला उत्पीड़न के सवालों पर भी मुखर होना होगा. अंकिता को न्याय का सवाल हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है मैं अंकिता हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग करती हूं.

ऐक्टू के प्रदेश महामंत्री के के बोरा ने कहा कि, लेबर कोड के खिलाफ राष्ट्रीय हड़ताल 12 फरवरी को होगी जिसमें पूरे देश के मजदूर वर्ग के साथ पूरे देश की महिला कामगार आशायें और अन्य स्कीम वर्कर्स भी शामिल होंगी.

निर्णय लिया गया कि आशाओं को नियमितीकरण, वेतन और कर्मचारी का दर्जा की मांगें नहीं मानी गयी तो आशा वर्कर्स विधानसभा सत्र में देहरादून में डेरा डालेंगी. इससे पूर्व राज्य भर में सम्मेलन करते हुए संगठन को मजबूत किया जाएगा.

मीटिंग की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल ने की और संचालन प्रदेश महामंत्री डॉ कैलाश पाण्डेय ने किया. राज्य के सभी जिलों की आशा यूनियन नेता इस बैठक में शामिल हुईं जिनमे मुख्य रूप से रीता कश्यप, मीना आर्य, ममता पानू, रिंकी जोशी, अनीता अन्ना, ज्योति उपाध्याय, ममता तिवारी, दीपा देवतल्ला, दुर्गा टम्टा, मुन्नी बिष्ट, देवकी भट्ट, मंजू, सरमीन, पिंकी कॉलोनी, ललिता मठपाल,कला मेहरा, विजया ठगुन्ना, काजल, सुधा, कमला जोशी, ललित मटियाली, स्नेहलता चौहान, शकुंतला, पूजा रावत, अन्नू, हेमा बिष्ट, पूजा बगडवाल, बबीता, हेमा सती, प्रीति रावत, रेशमा, सुमन बिष्ट, चंद्रा सती, रमा गैड़ा, माया टंडन, माधवी, सबीना, बसंती रौतेला, सरोज रावत, जीवंती भंडारी, रेणू, सुनीता, हेमा तिवारी, रेखा यादव, लक्ष्मी रावत, रमा भट्ट, ममता कन्याल,ज्योति रावत, लखविंदर कौर, नंदी देवी आदि समेत बड़ी संख्या में आशा वर्कर्स उपस्थित रही.

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