हरिद्वार को अर्धकुंभ से पहले जाम से मिलेगी राहत

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देहरादून/ हरिद्वार । अर्धकुंभ-2027 को देखते हुए हरिद्वार में यातायात से जुड़ी समस्या खत्म हो सकेगी । भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की दो अहम परियोजनाएं – स्पर टू हरिद्वार और हरिद्वार बाईपास – अपने अंतिम चरण में पहुंच गई हैं।

यह सड़क हलगोया मुस्तकम से शुरू होकर भड़ेड़ी राजपूताना में एनएच-58 से जुड़ेगी। इससे दिल्ली, मेरठ, सहारनपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहन हरिद्वार शहर में प्रवेश किए बिना ही तेजी से पहुंच सकेंगे। 15 किमी के हरिद्वार बाईपास (पैकेज-1) का काम तेजी से चल रहा है।

यह बाईपास बहादराबाद से शुरू होकर चंडी देवी मंदिर के पास एनएच-34 पर खत्म होगा। इसके बनने के बाद हर की पैड़ी, चंडी चौक और शंकराचार्य चौक जैसे इलाकों में ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा।

एनएचएआई के इन दोनों प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के बाद हरिद्वार में जाम की समस्या बहुत हद तक दूर हो जाएगी। त्योहारों, सप्ताहांत और धार्मिक आयोजनों के दौरान शहर के अंदर फंसे रहने वाले वाहनों को अब वैकल्पिक रास्ता मिल जाएगा।इसके अलावा, हरिद्वार-मुजफ्फरनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुरकाजी, फलौदा, मंगलौर, बहादराबाद और ज्वालापुर जैसे व्यस्त चौराहों पर फ्लाईओवर, अंडरपास और सर्विस रोड भी बनाए जा रहे हैं।

इनसे दुर्घटनाएं कम होंगी और यातायात सुगम बनेगा नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया पहले ही मुजफ्फरनगर-नेपाली फार्म चार लेन हाईवे बना चुका है, जो चारधाम और हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं को अच्छी कनेक्टिविटी दे रहा है।अतिरिक्त सुविधा: इन सभी नई सड़कों पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम भी लगाया जा रहा है, जिससे यातायात की निगरानी रीयल-टाइम में हो सकेगी।

नेशनल हाईवे 30 ऑफ़ इंडियाका लक्ष्य है कि अर्धकुंभ-2027 शुरू होने से पहले इन सभी परियोजनाओं को पूरा कर लिया जाए, ताकि श्रद्धालु और पर्यटक बिना किसी परेशानी के हरिद्वार आ-जा सकें।

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