कूलर से करंट लगने से बालक की मौत पर हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज अलर्ट, हॉस्टल-अस्पतालों में अर्थिंग सुधारने की मांग

खबर शेयर करें -

हल्द्वानी। कूलर से करंट लगने के कारण एक बालक की दुखद मौत की घटना के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में बिजली सुरक्षा को लेकर सख्ती बरती जा रही है। उत्तराखंड मेडिकल फैकल्टी एसोसिएशन ने सभी मेडिकल कॉलेजों, हॉस्टलों और अस्पतालों में तत्काल अर्थिंग और विद्युत सुरक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

एसोसिएशन की उपाध्यक्ष डॉ. साधना अवस्थी एवं प्रोफेसर व विभागाध्यक्ष (कम्युनिटी मेडिसिन) द्वारा भेजे गए पत्र में उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अतुल सक्सेना ने लिखा कि छोटी-छोटी लापरवाही अब मौत का कारण बन रही है।डॉ. अतुल सक्सेना ने 30 मई 2026 को लिखे पत्र में सचिव, उत्तराखंड मेडिकल फैकल्टी एसोसिएशन को अवगत कराया कि राज्य के मेडिकल संस्थानों में हजारों छात्र-छात्राएं, डॉक्टर और स्टाफ बिजली उपकरणों का उपयोग करते हैं। इनकी सुरक्षा के लिए निम्नलिखित तत्काल कदम उठाए जाएं:

  • सभी हॉस्टलों, आवासों और अस्पतालों में अर्थ लीकेज सर्किट ब्रेकर (ELCB) अनिवार्य रूप से लगवाए जाएं।
  • बिजली के सभी उपकरणों, वायरिंग और कल-पुर्जों की जांच कर सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
  • बिजली के पोल एवं जनरेटर को आम लोगों की पहुंच से दूर रखा जाए।
  • सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश और संकेत-आधारित साइन बोर्ड जगह-जगह लगाए जाएं।
  • तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा पूरी विद्युत व्यवस्था को चाक-चौबंद किया जाए।
  • बिजली करंट से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाए।

डॉ. सक्सेना ने अपील की है कि इन सुझावों पर तुरंत विचार कर कार्यवाही की जाए ताकि भविष्य में कोई अनहोनी घटना न हो सके।प्रतिलिपि:
इस पत्र की प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी, उप प्रबंधक (बिजली विभाग) तथा महाप्रबंधक, विद्युत विभाग जिला नैनीताल को भी भेजी गई है।यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि घरों, हॉस्टलों और अस्पतालों में उचित अर्थिंग और बिजली सुरक्षा की अनदेखी कितनी खतरनाक साबित हो सकती है।

सम्बंधित खबरें