
हल्द्वानी। आगामी मानसून काल को दृष्टिगत रखते हुए जनपद नैनीताल में नदियों की सफाई, सिल्ट निकासी, जल निकासी (ड्रेनेज) व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा भूकटाव की रोकथाम हेतु जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। विशेष रूप से गौला एवं नंधौर नदियों में संभावित समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन अलर्ट मोड में कार्य कर रहा है।
इसी क्रम में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट की उपस्थिति में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान में खनन सत्र जारी है तथा नंधौर नदी के मुहाने पर सिल्ट, बोल्डर आदि का जमाव हो रहा है, जिसके कारण मानसून के दौरान बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती है। उन्होंने सिंचाई विभाग एवं वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि समय रहते आंकलन कर धरातल पर आवश्यक बचाव कार्य सुनिश्चित किए जाएं।
लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने बाढ़ सुरक्षा एवं रिवर ट्रैपिंग के साथ-साथ क्षेत्र में गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी में आ रही समस्याओं, व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति, श्रीलंका टापू, मोतीनगर सड़क सहित अन्य स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि लालकुआं क्षेत्र में रसोई गैस की शत-प्रतिशत होम डिलीवरी सुनिश्चित करने हेतु सोमवार से रोस्टरवार व्यवस्था लागू की जाए। इसके अतिरिक्त उपजिलाधिकारी लालकुआं को निर्देशित किया गया कि अन्य विभागों के साथ समन्वय कर श्रीलंका टापू में शिविर आयोजित करते हुए संयुक्त निरीक्षण शीघ्र संपन्न कराया जाए।
जिलाधिकारी ने गौला नदी से लालकुआं क्षेत्र में हो रहे भूकटाव की रोकथाम हेतु रिवर ट्रैपिंग एवं अन्य सुरक्षात्मक कार्यों की अनुमति के लिए शासन को तत्काल पत्र प्रेषित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक के दौरान एडीबी परियोजना अंतर्गत तीनपानी से मंडी तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाए जाने वाले अतिक्रमण का मुद्दा भी विधायक द्वारा उठाया गया। उन्होंने पुनः निशान लगाने की मांग की। इस पर जिलाधिकारी ने बताया कि उक्त सड़क का चौड़ीकरण किया जाना प्रस्तावित है तथा पूर्व में अतिक्रमण चिह्नित किया जा चुका है। कुछ परिवारों को हो रही समस्याओं को देखते हुए सोमवार से टीम गठित कर संबंधितों की उपस्थिति में पुनः निशान लगाए जाने के निर्देश दिए गए।








