
देहरादून। आईएसबीटी स्थित आजाद कॉलोनी से तीन माह पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए 22 वर्षीय मोहम्मद सारिक का कंकाल किमाड़ी से आगे जंगल में मिला है। जंगल में ड्रोन से तलाश के दौरान उसकी स्कूटी दिखाई दी। स्कूटी के पास पहुंचने पर कुछ दूरी पर कंकाल मिलने से सनसनी फैल गई। परिजनों ने कपड़ों के आधार पर कंकाल की पहचान सारिक के रूप में की है। उन्होंने उसके साथ रहने वाले दो युवकों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
आजाद कॉलोनी निवासी मोहम्मद सारिक 17 जुलाई की रात घर से लापता हो गया था। वह एक निजी विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई कर रहा था। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला तो 18 जुलाई को परिजनों ने पटेलनगर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने तलाश शुरू की, लेकिन लंबे समय तक कोई सुराग नहीं मिला। बाद में पुलिस ने गुमशुदगी के मामले को अपहरण में तरमीम कर दिया था।
तीन माह से अधिक समय बीतने के बाद भी सारिक का पता नहीं चलने पर परिजन उसकी तलाश में जुटे थे। इसी दौरान किमाड़ी से आगे जंगल में ड्रोन की मदद से तलाश की जा रही थी। जंगल में करीब सात किलोमीटर अंदर सारिक की स्कूटी दिखाई दी। स्कूटी मिलने के बाद जब तलाश की गई तो कुछ दूरी पर कंकाल पड़ा मिला। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और परिजनों से पहचान कराई गई।
परिजनों ने सारिक के साथ रहने वाले दो युवकों पर उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। हालांकि, हत्या के आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सारिक किन परिस्थितियों में लापता हुआ और उसकी मौत कैसे हुई।
पटेलनगर थाना प्रभारी नरेश राठौर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। कंकाल की पहचान और मौत के कारणों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।











