
हल्द्वानी। सर्वोच्च न्यायालय में बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में निर्णय के लिए दो दिसंबर की तिथि नियत है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के उपरांत कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ0 मंजूनाथ टीसी के नेतृत्व में नैनीताल पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रही है, और तैयारियों में जुट गई है।
इसी क्रम में आज जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल महोदय की अध्यक्षता में वीडियो कॉंफ़्रेंसिंग के माध्यम से सभी संबंधित विभागों संग बहुउद्देशीय भवन के सभागार में एक समन्वयी गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में रेलवे के अधिकारियो व अन्य सभी विभागों द्वारा भी प्रतिभाग किया गया।
उक्त गोष्ठी में जिलाधिकारी नैनीताल द्वारा आगामी तैयारियों को लेकर चर्चा की तथा महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। इसके उपरांत गोष्ठी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा न्यायालय के निर्णय के उपरांत कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु महत्वपूर्ण निर्देश दिए,उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को प्रभावित करने तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने वाले, तथा राज्य और सरकार के विरुद्ध अवैध आयुध और संसाधन एकत्रित करने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्ती से निपटा जाएगा, इस संबंध में सभी संबंधित विभागों को अपनी तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए गए, सघन चैकिंग, सत्यापन अभियान व गश्त पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त सोशल मीडिया सेल को भी प्रभावी रूप से एक्टिव रहने हेतु निर्देशित किया गया। अनावश्यक टीका टिप्पणी करने वाले माहौल बिगड़ने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही के निर्देश भी दिए गए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डाॅ मंजूनाथ टीसी ने कहा कि नैनीताल पुलिस किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार है, हमारे पास पर्याप्त मात्रा में फोर्स/ हेलमेट डंडे बॉडी प्रोटेक्टर तथा अन्य उपकरण मौजूद है। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निर्णय आने के उपरांत उक्त क्षेत्र में आरपीएफ का भी कड़ा पहरा रहेगा, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने वाले तथा जब्ती के सामान के साथ छीना झपटी कर नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध आरपीएफ द्वारा भी विशेष अधिकार के तहत त्वरित कार्यवाही की जाएगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का जो भी फैसला आता है, उसे सभी को स्वीकार करना चाहिए। साथ ही आदेश के पालन में होने वाली कार्यवाही के दौरान सहयोग करने की अपील की गई। उक्त गोष्ठी में जिला प्रशासन/पुलिस प्रशासन के अधिकारी, सीएमएम नगर निगम हल्द्वानी, रेलवे विभाग, वन विभाग के अधिकारी, एडीईएन उत्तर-पूर्वी रेलवे, जेई रेलवे काठगोदाम, जेई यूपीसीएल आदि अधिकारी मौजूद रहे









