फर्जी दस्तावेजों संग धरे एमबीबीएस छात्र पर केस : जिलों से मांगा गया था वेरिफिकेशन

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अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज में फर्जी दस्तावेजों से एमबीबीएस में प्रवेश लेने वाले छात्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब दस्तावेजों की जांच कर गिरोह तक पहुंचने के प्रयास में जुट गई है।

पुलिस के मुताबिक, एसएसजे राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान में फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर एमबीबीएस में दाखिला लेने का मामला सामने आया था। जांच में पाया गया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में प्रवेश लेने वाले जसपुर निवासी मोहम्मद समी पुत्र स्व. अनीस अहमद के दस्तावेज फर्जी थे। आरोपी ने प्रवेश पाने के लिए स्वयं को ‘अनाथ एवं परित्यक्त’ बच्चों की श्रेणी में दर्शाया था। प्रमाणपत्रों की जांच के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने आरोपी छात्र का प्रवेश तत्काल निरस्त कर दिया। कोतवाल योगेश चंद्र उपाध्याय ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी छात्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

डॉक्टर बनने और बेहतर भविष्य की चाह में समी ने एक गलत रास्ता चुना, जिसके कारण वह कानूनी शिकंजे में फंस गया। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, आरोपी युवक की उम्र 18 से 20 वर्ष के बीच है। राज्य में अनाथ एवं परित्यक्त बच्चों के लिए एमबीबीएस में 5 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। इसी आरक्षण का अनुचित लाभ उठाने के लिए आरोपी ने फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। फिलहाल मामला पुलिस की जांच के अधीन है और जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे तंत्र या फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हो सकेगा।

मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की गहन जांच के निर्देश दिए गए थे। इसी के तहत कॉलेज प्रशासन की ओर से सत्यापन के लिए संबंधित छात्रों के गृह जिलों से प्रमाणपत्रों का वेरिफिकेशन मांगा गया था। जांच के दौरान आरोपी छात्र मोहम्मद समी द्वारा अनाथ एवं परित्यक्त श्रेणी के लिए जमा किए गए प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए।

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